झारखंड

यूट्यूब से पढ़ाई, कलाम से प्रेरणा: स्टेट टॉपर राशिदा नाज़ की कामयाबी की कहानी

धनबाद की राशिदा नाज़ ने बिना ट्यूशन 97.8% अंक लाकर झारखंड साइंस टॉप किया। आर्थिक तंगी के बावजूद ऑनलाइन पढ़ाई कर उन्होंने कई सामाजिक धारणाओं को चुनौती दी

झारखंड में भाजपा की शहरी जमीन खिसकी: 48 निकायों के नतीजों ने बदला सियासी समीकरण

झारखंड के 48 शहरी निकाय चुनाव परिणामों में भाजपा को सीमित सफलता मिली। रांची, गिरिडीह और देवघर समेत कई शहरों में झामुमो और निर्दलीय उम्मीदवारों ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया।

झारखंड म्युनिसिपल चुनाव 2026: क्या शहरों में भी कमजोर पड़ रही है भाजपा की पकड़?

झारखंड म्युनिसिपल चुनाव 2026 में शहरों से झामुमो की बढ़त के संकेत मिल रहे हैं। कई सीटों पर भाजपा को कड़ी चुनौती है, जबकि रांची और धनबाद में मुकाबला अभी भी बेहद रोमांचक बना हुआ है

म्युनिसिपल चुनाव 2026: कौन हैं शिवम आजाद? राजनीतिक संरक्षण पर उठे सवाल

2026 के म्युनिसिपल चुनाव में गिरिडीह शहर गोलीबारी से दहल गया। वार्ड 18 की घटना के बाद शिवम आजाद चर्चा में हैं, जबकि प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सबका साथ, सबका काम— गिरिडीह मेयर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा का वादा

दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुकी प्रमिला मेहरा गिरिडीह मेयर चुनाव में मैदान में हैं। उन्होंने पानी, ट्रैफिक और सफाई को प्राथमिकता बताते हुए सबको साथ लेकर चलने का भरोसा दिया।
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झारखंड के जीत के चाणक्य: सुदिव्य कुमार सोनू की रणनीतिक कौशल की कहानी

शिबू सोरेन के शिष्य से लेकर झारखंड के चाणक्य तक: झामुमो के प्रति सोनू की अटूट निष्ठा और रणनीतिक कौशल ने भाजपा की मोदी, शाह और मरांडी की तिकड़ी को हराकर पार्टी को 34 सीटों की ऐतिहासिक जीत दिलाने में मदद की। कल्पना सोरेन के उत्थान को सशक्त बनाने से लेकर भगवा खेमे को कमजोर करने वाले दल-बदल की योजना बनाने तक, सोनू के कदमों ने इंडिया ब्लॉक की नींव मजबूत की। उनके कुशल टिकट वितरण और विवेकशील सोशल मीडिया रणनीति ने झारखंड की राजनीति में झामुमो के प्रभुत्व को मजबूत किया

झारखंड चुनाव: विनोद सिंह के विकास कार्य बनाम भाजपा के अडानी एजेंडे की टक्कर

बगोदर विधायक विनोद सिंह का विकास मॉडल चर्चा में। स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण, चुनाव में विकास पर केंद्रित मुद्दे

पहले चरण में नफरत की राजनीति खारिज, जन मुद्दों पर जनता का विश्वास- लोकतंत्र बचाओ अभियान

पहले चरण में झारखंड ने खारिज की नफरत की राजनीति, भाजपा के बांग्लादेशी राग और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का सच आया सामने। सामाजिक सुरक्षा, जल-जंगल-जमीन, और स्थानीय अधिकारों के मुद्दों पर झामुमो की नीतियां मजबूत दावेदारी पेश करती हैं। अडानी प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण से लेकर सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने तक भाजपा की हर रणनीति पर सवाल

टू स्टेट्स, वन इलेक्शन डेट: झारखंड में 40 दिन पहले चुनाव, झामुमो का आरोप—हेमंत सोरेन की लोकप्रियता से घबराई भाजपा ने कराया जल्द चुनाव

झारखंड में चुनाव आयोग के जल्द चुनाव पर झामुमो ने उठाए सवाल, क्या भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा को पहले से थी तारीखों की जानकारी?

संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ के अपने ही आरोप को भाजपा ने अदालत में नकारा

झारखंड जनाधिकार महासभा की रिपोर्ट ने भाजपा के घुसपैठ दावे को खारिज करते हुए बताया कि बांग्लादेशी घुसपैठ की कहानियां केवल साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए फैलाई जा रही हैं

संडे हो या मंडे, रोज कैसे खाएं झारखंड के बच्चे अंडे, सामाजिक कार्यकर्ताओं का सवाल

झारखंड जनाधिकार महासभा के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बारिश में अंडे लेकर हेमंत सरकार को अंगनबाड़ी में देने के आदेश का पालन करने को कहा
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