सबका साथ, सबका काम— गिरिडीह मेयर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा का वादा

ईन्यूज़रूम विशेष | दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुकी प्रमिला मेहरा दूसरी बार गिरिडीह मेयर चुनाव में उतरी हैं। पानी, ट्रैफिक और सफाई को अपनी प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि जनता पैसा नहीं, काम देखती है। डॉक्टर उपाधि वाले उम्मीदवारों के बीच उन्होंने भरोसा जताया कि गिरिडीह उन्हें पहली महिला मेयर बनाएगा।

Date:

Share post:

गिरिडीह: सामाजिक कार्यकर्ता और वह दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं प्रमिला मेहरा दूसरी बार गिरिडीह मेयर (महापौर) के चुनाव में मैदान में हैं। 2018 के मुकाबले, गिरिडीह नगर निगम चुनाव 2026, उनके सामने कईडॉक्टरउपाधि वाले उम्मीदवार भी दावेदारी कर रहे हैं। ईन्यूज़रूम से खास बातचीत में प्रमिला मेहरा ने कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब बेबाकी से दिए और इशारा किया कि उनके रूप में गिरिडीह को पहली महिला मेयर मिल सकती है।

ईन्यूज़रूम: पिछले चुनाव के परिणाम से आपको क्या सबक मिला और उसे कैसे उपयोग कर रही हैं?

प्रमिला मेहरा: मैंने पिछले चुनाव से सीखा कि एकएक वोट कीमती होता है और उससे भी ज्यादा जरूरी है कि हर वोटर से मिलकर उनकी बात सुनी जाए।

ईन्यूज़रूम: आपके लिए नगर पालिका क्षेत्र में सबसे जरूरी तीन काम क्या होंगे?

प्रमिला मेहरा: सबसे पहले पानी की समस्या का समाधान करना, व्यवस्था को और सुचारु सुदृढ़ बनाना, ताकि लोगों को रोज समय पर पानी मिले। दूसरा, ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करना और जाम की समस्या से निजात दिलाना। तीसरा, साफसफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना।

प्रमिला मेहरा गिरिडीह मेयर चुनाव 2026
प्रमिला मेहरा और शाहनवाज़ अंसारी

ईन्यूज़रूम: आज आपके साथ झामुमो के शाहनवाज़ अंसारी हैं। मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग कहते हैं कि पार्टियां उनका वोट लेती हैं, लेकिन बाद में उन्हें भूल जाती हैं और उनका हक नहीं देतीं। आप क्या कहेंगी?

प्रमिला मेहरा: मैं सबको साथ लेकर चलूंगी। मैं बराबरी में विश्वास करती हूं। मैं किसी को नहीं भूलूंगी और न ही बदलूंगी। सबका काम होगा और जो अभी हमारे साथ हैं, मेयर बनने के बाद भी मैं उनके साथ रहूंगी।

ईन्यूज़रूम: आप एमए, बीएड और एलएलबी हैं, जबकि कुछ अन्य उम्मीदवारडॉक्टरकी उपाधि के साथ हैं। क्या आपकी सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता आपको उनसे बेहतर बना पाएगी?

प्रमिला मेहरा: जी, ज़रूर। मैंने अपना पूरा समय आम लोगों के बीच बिताया है और राजनीतिक जीवन में भी काफी सक्रिय रही हूं। गिरिडीह की जनता मुझे अच्छी तरह जानती है। मुझे पूरा विश्वास है कि मेयर चुनते समय वे अपने बीच की ऐसी महिला को चुनेंगे, जो सीधा संवाद और सीधा जुड़ाव रखेगी।

ईन्यूज़रूम: वैसे तो चुनाव किसी एक विशेष पार्टी के नाम पर नहीं हो रहा है। क्या झामुमो (JMM) का साथ मिल रहा है?

प्रमिला मेहरा: जी, पार्टी के सभी सदस्य, नेता और कार्यकर्ता का पूरा सहयोग मिल रहा है। आगे भी झामुमो की सरकार होने का फायदा हमें मिलेगा।

ईन्यूज़रूम: आपके सामने सभी संपन्न उम्मीदवार हैं। क्या आपको लगता है कि पैसे की वजह से आप पिछड़ सकती हैं?

प्रमिला मेहरा: गिरिडीह के मतदाता पैसा नहीं, काम देखते हैं और ऐसे उम्मीदवार को चुनते हैं जो उनके क्षेत्र में बेहतर काम कर सके। मुझे हर तबके के लोगों का प्यार मिल रहा है। लोगों ने मुझसे कहा है कि वे मुझे गिरिडीह की पहली महिला मेयर बनाएंगे।

Shahnawaz Akhtar
Shahnawaz Akhtarhttp://shahnawazakhtar.com
Shahnawaz Akhtar is a senior journalist with over two decades of reporting experience across four Indian states and China. He is the Managing Editor and founder of eNewsroom India, an independent, Kolkata-based digital media platform. His work focuses on human-interest reporting, capturing lived realities, resilience, and voices often ignored by mainstream media

Related articles

Diljit Dosanjh Just Gave the Performance of His Life—You May Never See It

Honey Trehan's Satluj is more than a biographical drama about human rights activist Jaswant Singh Khalra. It is...

How Farmers’ Protest Tested ‘Double Engine Sarkar’ Argument in Madhya Pradesh

A dispute over moong procurement snowballed into one of the biggest farmers' agitations in recent years, forcing the Mohan Yadav government to retreat and exposing uncomfortable questions about the BJP's promise of seamless Centre-state governance

Dear Gen Z: बेहतर भारत की राह नफ़रत के ख़िलाफ़ आंदोलन से होकर गुज़रेगी

36 दिनों में सफल हुए Gen Z आंदोलन की सबसे बड़ी जीत सिर्फ़ सरकार को झुकाना नहीं थी, बल्कि अपने मुद्दे को हिंदू-मुस्लिम बहस बनने से बचाना भी था। अब उसके सामने अगली चुनौती नफ़रत की राजनीति और बराबरी की नागरिकता का सवाल है

Dear Gen Z: To Build a Better India, Protest Against Hate

Beyond the NEET protest, Gen Z challenged India's politics of hate by keeping the focus on accountability and constitutional values. The movement also exposed difficult questions about equal citizenship and Muslim participation in democratic protests