भाजपा नेता पर डायन कह कर प्रताड़ित करने का आरोप, दूसरी बार विधवा के साथ ये संगीन हरकत

ज़िला परिषद उपाध्यक्ष कामेश्वर पासवान और उनके परिवार के ऊपर विधवा ने डायन-बिसाही कह कर मार-पीट करने, गली-गलौज करने, बाल और जुबान काटने तक का आरोप लगाया

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Shahnawaz Akhtar
Shahnawaz Akhtarhttp://shahnawazakhtar.com/
is Founder of eNewsroom. He loves doing human interest, political and environment related stories.

गिरिडीह: भारतीय जनता पार्टी नेता सह ज़िला परिषद उपाध्यक्ष कामेश्वर पासवान के ऊपर डायन-बिसाही कह कर प्रताड़ित करने का संगीन आरोप लगा है।

भाजपा नेता कामेश्वर के साथ चार और लोग जिनमे उनकी पत्नी निर्जला देवी और भाई मुकेश पासवान शामिल हैं को भी एफ़आईआर में आरोपी बयाना गया है। पुलिस ने तीन दिनों के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज़ किया।

मालूम हो की, झारखंड में हर साल डायन-बिसाही के नाम पर 50 महिलाओ की जान जाती है और 17 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।

वही 15 अक्टूबर को दिये अपने आवेदन में एक 42 वर्षीय महिला जो भाजपा नेता के घर के पास रहती है ने लिखा, “कामेश्वर पासवान और उनके परिवार के लोग, मेरे घर घुस आए और मुझे डायन बिसाही कह कर गाली गलोज़ करने लगे। फिर पासवान ने मुझे पकड़ा और अपने भाइयों को बोला में डायन हूँ मेरा बाल काट दो। इतने में निर्जला देवी और देव्यंती देवी ने केची से मेरा बाल काटने का प्रयास किया”।

महिला ने आगे लिखा, “परंतु मेरे द्वारा विरोध करने पर और हल्ला सुन मेरा पुत्र अमित कुमार पासवान आया और बीच बचाओ करने लगा। पर वो लोग मेरे पुत्र के साथ भी बेरहमी के साथ मार-पीट की। और मुझे घसीटे हुए घर के समीप काली मंडप पे ले गए। वहाँ जब आस-पास के लोग जमा होने लगे तो मुझे छोड़ा।”

डायन-बिसाही भाजपा नेता और डायन गिरिडीह झारखंड
प्रथिमिकी की कॉपी

पीड़ित महिला ने ईन्यूज़रूम को ये भी बताया, “मेरे साथ ये हरकत विजयादशमी के दिन किया गया था और मेरे बाल काटने के एलावा, मेरी जुबान को काटने की भी बात वो लोग बोल रहे थे। कामेश्वर के भाई ने कहा के मेरी जुबान काट कर काली मंडा में चड़ा दो तो उनके घर के लोगों की तबीयत ठीक हो जाएगी।”

विधवा महिला जिसके सास-ससुर भी अब नहीं है ये जानकारी भी दी, “दो महीने पहले भी मेरे साथ डायन-बिसाही करके मार-पीट की गयी थी, तब भी मेंने एफ़आईआर के लिए आवेदन दिया था पर पुलिस ने दर्ज़ नहीं किया। जब से मेरे पति की मौत हुई है तब से ऐसा कर रहें हैं।”

मुफ़स्सिल थाना प्रभारी विनय कुमार राम से दो बार कॉल लगाने पे जब बात नहीं हुई तो गिरिडीह पुलिस कप्तान अमित रेणु से ईन्यूज़रूम ने जब बात कर ये जानने की कोशिश की के प्राथमिकी में देर और मामले में अब तक क्या कारवाई हुई, तो उनका जवाब था, “आपको इस मामले से किया वास्ता है?” फिर जब इस संवाददाता ने कहा के रिपोर्ट लिखना मेरा काम है और मैं रिपोर्ट बना रहा हूँ तो अमित रेणु ने फोन काट दिया।

जब भाजपा नेता कामेश्वर से ईन्यूज़रूम की बात हुई तो उनका कहना था, “ये मामला हमारे एक पुश्तैनी मंडप से जुड़ा है जिसमे वो एकाधिकार चाहती है और हम लोगों को न कोई नया काम न पुजा करने देना चाहती है। मैं एक जागरूक आदमी हूँ और न मैं किसी को डायन कह सकता हूँ न अपने घर के लोगों को ये बोलने दूंगा।”

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