Tag: सुदिव्या सोनू निधन

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वक्त बदला, शहर बदले, रिश्ता नहीं

सुदिव्य सोनू के साथ मेरा रिश्ता सिर्फ एक नेता और पत्रकार का नहीं था। मैं उनका वोटर था, पत्रकार था और दोस्त भी। गिरिडीह से चीन तक, चुनावी राजनीति से निजी बातचीत तक, वक्त और शहर बदलते रहे, लेकिन हमारे बीच का भरोसा बना रहा।

न कोई राजनीतिक विरासत, न आसान जीत: ऐसे JMM के ‘चाणक्य’ बने सुदिव्य सोनू

8,272 वोट से शुरू हुई सुदिव्य कुमार सोनू की चुनावी कहानी 94,042 वोट तक पहुंची। लेकिन उनकी असली राजनीतिक ताकत चुनावी जीत से कहीं आगे थी—शिबू सोरेन का भरोसा, हेमंत सोरेन का साथ और JMM की रणनीति में उनकी अहम भूमिका