झारखंड

बगोदर में ‘मैं हूं महेंद्र सिंह’ की गूंज, 21वें शहादत दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

बगोदर (झारखंड): “महेंद्र सिंह कौन है?”—यह सवाल 16 जनवरी 2005 को हत्यारों ने किया था। 21 साल बाद वही सवाल भाजपा के मौजूदा विधायक नागेंद्र महतो ने सत्ता के...

बीस साल बाद भी लोग पूछते नहीं, जानते हैं—महेंद्र सिंह कौन थे

महेंद्र सिंह, तीन बार विधायक और जनसंघर्षों के नेता, जिन्होंने ‘मैं हूँ महेंद्र सिंह’ कहकर गोलियों का सामना किया और झारखंड की राजनीति में अमिट विरासत छोड़ी।

नेताओं ने झारखंड की ज़मीन, जनता के हक़ के बदले सौंप दी कंपनियों को- झारखंड जनाधिकार महासभा

झारखंड अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहा है, लेकिन झारखंड आंदोलन के सपने पहले से कहीं ज़्यादा दूर हैं।...

जिनसे लड़े, उनके बच्चों को भी अपनाया; कार्यकर्ताओं को तराशा, बहू को सशक्त किया: शिबू सोरेन की सियासत कुछ अलग थी

शिबू सोरेन ने न सिर्फ वंशवाद के आरोपों का जवाब अपने कार्यों से दिया, बल्कि ज़मीनी कार्यकर्ताओं और विरोधी वर्गों के लोगों को भी आगे बढ़ाया। उन्होंने संघर्ष, समावेश और नेतृत्व की मिसाल कायम की। गुरुजी की छाया में संजीव कुमार राज्यसभा पहुंचे और सुदिव्य मंत्री बने।

किताबों से निकले, जंगलों में लड़े, संसद तक पहुंचे—शिबू सोरेन की ज़िंदगी एक पाठशाला

साल 2005 में जब झारखंड में पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे थे, तब झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)...
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ऐतिहासिक जनादेश, बड़ी जिम्मेदारी: क्या इस बार हेमंत सरकार मुसलमानों को न्याय, रोजगार और अधिकार दे पाएगी

अब हेमंत सोरेन सरकार से उम्मीद है कि वह अल्पसंख्यकों को न्याय, रोजगार, और शिक्षा के साथ वक्फ बिल और एनआरसी जैसे संवेदनशील मामलों पर ठोस कदम उठाएगी

झारखंड के जीत के चाणक्य: सुदिव्य कुमार सोनू की रणनीतिक कौशल की कहानी

शिबू सोरेन के शिष्य से लेकर झारखंड के चाणक्य तक: झामुमो के प्रति सोनू की अटूट निष्ठा और रणनीतिक कौशल ने भाजपा की मोदी, शाह और मरांडी की तिकड़ी को हराकर पार्टी को 34 सीटों की ऐतिहासिक जीत दिलाने में मदद की। कल्पना सोरेन के उत्थान को सशक्त बनाने से लेकर भगवा खेमे को कमजोर करने वाले दल-बदल की योजना बनाने तक, सोनू के कदमों ने इंडिया ब्लॉक की नींव मजबूत की। उनके कुशल टिकट वितरण और विवेकशील सोशल मीडिया रणनीति ने झारखंड की राजनीति में झामुमो के प्रभुत्व को मजबूत किया

झारखंड चुनाव: विनोद सिंह के विकास कार्य बनाम भाजपा के अडानी एजेंडे की टक्कर

बगोदर विधायक विनोद सिंह का विकास मॉडल चर्चा में। स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण, चुनाव में विकास पर केंद्रित मुद्दे

पहले चरण में नफरत की राजनीति खारिज, जन मुद्दों पर जनता का विश्वास- लोकतंत्र बचाओ अभियान

पहले चरण में झारखंड ने खारिज की नफरत की राजनीति, भाजपा के बांग्लादेशी राग और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का सच आया सामने। सामाजिक सुरक्षा, जल-जंगल-जमीन, और स्थानीय अधिकारों के मुद्दों पर झामुमो की नीतियां मजबूत दावेदारी पेश करती हैं। अडानी प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण से लेकर सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने तक भाजपा की हर रणनीति पर सवाल

टू स्टेट्स, वन इलेक्शन डेट: झारखंड में 40 दिन पहले चुनाव, झामुमो का आरोप—हेमंत सोरेन की लोकप्रियता से घबराई भाजपा ने कराया जल्द चुनाव

झारखंड में चुनाव आयोग के जल्द चुनाव पर झामुमो ने उठाए सवाल, क्या भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा को पहले से थी तारीखों की जानकारी?

संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ के अपने ही आरोप को भाजपा ने अदालत में नकारा

झारखंड जनाधिकार महासभा की रिपोर्ट ने भाजपा के घुसपैठ दावे को खारिज करते हुए बताया कि बांग्लादेशी घुसपैठ की कहानियां केवल साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए फैलाई जा रही हैं
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