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गांधी की पत्रकारिता और आज की वायरल दुनिया: मायने क्या रखता है—रीच या असर?

गांधी की पत्रकारिता और आज की वायरल दुनिया के बीच क्या बदला? eNewsroom Conclave में जवाहर सरकार, प्रतीक सिन्हा, राशिद किदवई, अरफा खानम शेरवानी समेत वक्ताओं ने स्वतंत्र मीडिया, एल्गोरिद्म और पत्रकारिता के बदलते सरोकारों पर चर्चा की

गांधी द जर्नलिस्ट: आज की पत्रकारिता गांधी से क्या सीख सकती है?

कोलकाता: आज की पत्रकारिता को देखकर महात्मा गांधी क्या कहते? टेलीविजन बहसों, सोशल मीडिया, गलत सूचनाओं, एल्गोरिदम और आर्टिफिशियल...

23 दिन का अनशन, लाठीचार्ज और संघर्ष—नेहा बोरा क्यों कहलाने लगीं आंदोलन की आत्मा

23 दिन से उसने अन्न का एक दाना नहीं खाया था। शरीर का वजन साढ़े सात किलो घट...

फोरेंसिक विशेषज्ञ के निष्कर्षों ने आईआईटी केजीपी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग

कोलकाता: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आईआईटियन फैजान अहमद की मौत के मामले में ताजा फोरेंसिक...

छत्तीसगढ़: कानून का शासन चलेगा या होगी गाय के नाम पर मॉब लिंचिंग?

रायपुर। गौ रक्षा के नाम पर मानव हत्या का जुनून अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गया है। स्पष्ट हत्या...
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कहने के लिए आसान है, कानून को लागू करने दें, यदि लाभकारी नहीं रहे तो वापस ले लेंगे, पूछें नई पेंशन योजना के पीड़ितों...

रांची: रांची के निवासी गिरधर महतो सितंबर 2018 में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए। उन्हें 2011 में काम मिला था। जब महतो ने 1982 में...

हेमंत सोरेन सरकार के एक साल: घोषणा के बाद भी पत्थलगड़ी मामले वापस नहीं हुए

रांची: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार अपना एक साल पूरा करने वाली है. और सत्ता में आते ही खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा...

बिहार: एक पैराग्राफ की कहानी का राज्य

साधारण कथाओं का यह असाधारण दौर है। बिहार उन्हीं साधारण कथाओं के फ्रेम में फंसा एक जहाज़ है। बिहार की राजनीति में जाति के...

इरफान खान ने क्यों हटा दिया था अपना सरनेम ‘खान’?

मुंबई: किरदारों को पर्दे पर जिंदा करने वाला एक जादूगर कलाकार, इरफान खान (Irrfan Khan) इस दुनिया को छोड़कर चला गए। इरफान मंगलवार को...

जेएमएम ने पीएम मोदी के कोरोना महामारी से रोकथाम के लिए टोना-टोटका को विज्ञान के खिलाफ और देश वासियों को निराशा की तरफ ले...

रांची: देश में जारी 21 दिनों के लॉकडाउन में सबसे ज्यादा परेशानी प्रवासी मजदूरों को झेलना पङ रहा है और इसमें झारखंड के मजदूर...

क्यों एनपीआर से झारखंड की बड़ी आबादी के लिए संकट खड़ा हो जाएगा?

राँची: केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार पहली अप्रैल से नेशनल पॉप्युलेशन रजिस्टर (एनपीआर) की कार्रवाई शुरू करने जा रही है। जनगणना के...
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