रघुबर सरकार में भ्रष्टाचार करने के लिए विकास कार्यक्रम चलाये गए- सरयू राय

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राँची: जैसी उम्मीद थी, जमशेदपुर पूर्वी से विधायक और पूर्व भारतीय जनता पार्टी नेता सरयू रॉय ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास पर हमला बोल दिया है और भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह से झारखंड में भाजपा कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार पर  सीधा सवाल किया है।

राय ने शनिवार के अहले सुबह एक के बाद एक तीन ट्विंट्स किए और सब मे अमित शाह से सीधे सवाल किए, तथा रघुबर दास की कार्यशैली और भ्रष्टाचार पर कई आरोप लगाए।

राय ने 5.04 सुबह पे पहला ट्वीट किया और सबसे बड़ा आरोप लगाया के, झारखंड में सिर्फ विकास कार्य में भ्रष्टाचार, बल्के रघुबर सरकार में भ्रष्टाचार करने के लिए विकास कार्यक्रम चलाये गए।

सरयू राय का ट्वीट:

भाजपा अध्यक्ष @AmitShah विगत 5 वर्षों में झारखंड के विकास की असलियत पता करें तब इस बारे में मिडीया में बोलें. इन दिनों यहाँ केवल विकास कार्यक्रमों को लागू करने में ही भ्रष्टाचार नहीं हुये है बल्कि भ्रष्टाचार करने की नीयत से ही विकास कार्यक्रम चलाये गये हैं. अपने लोगों से ही पूछ लें.

11 मिनट बाद आए दुसरे ट्वीट में पूर्व मंत्री ने पूछा के, किया अमित शाह को मालूम नहीं के रघुबर दास ने 30 में से 16 मलाईदार विभाग अपने पास रखा। और पूरे 5 साल में 1 मंत्री मंत्रालय में कम रखा जो असंवैधानिक है।

अपने दुसरे ट्वीट में राय ने पूर्व मुख्यमंत्री, जिसे उन्होने विधान सभा चुनाव में हराया को भी टैग किया।

सरयू राय के ट्वीट्स

सरयू राय का ट्वीट:

क्या माननीय @AmitShah जी को पता नहीं था कि झारखंड सरकार के 30 विभागों में से उनके लाड़ले मुख्यमंत्री @dasraghubar ने 16 विभाग अपने पास रखा था जिनमें बड़े और मलाईदार कहे जाने वाले सभी विभाग शामिल थे.उन्होने संविधान को ताक पर रखकर 11 में से 1 मंत्री का पद 5 वर्ष तक ख़ाली रखा. क्यों?

राय के आखिरी ट्वीट जो 20 मिनट बाद आए में फिर से पार्टी अध्यछ अमित शाह से सवाल किया गया के उन्हे बताना चाहिए के झारखंड में सरकार और संगठन के खस्ता हाल के बारे में कौन उन्हे गुमराह करता रहा। और ये के 2009 में भी ऐसा हुआ था, तब नहीं चेते थे, पर अब तो चेत जाइए।

ट्वीट:

मा० @AmitShah जी को खुलासा करना चाहिये कि विगत 5 वर्षों तक झारखंड में सरकार और संगठन की ख़स्ताहाल के बारे में उन्हें कौन गुमराह करते रहा और मुझे नुक़सान पहुँचाने के षडयंत्र में भाजपा को गर्त में पहुँचा दिया.2009 में भी ऐसा ही हुआ था तब तो सबक़ नहीं लिया, अब तो चेतिये।

मालूम हो के झारखंड विधानसभा का पहला सत्र जनवरी 6 से 8 तक चलेगा। और उससे ठीक पहले राय का हमला आने वाले विधानसभा सत्र में भाजपा की मुश्किले बड़ा सकता है।

राज्य में सम्पन्न हुए विधान सभा चुनाव में भाजपा जो 2014-2019 के बीच पाँच साल सत्ता में रही को मात्र 25 सीटें मिली। और इस् दौरान मुख्यमंत्री रहे रघुबर दास अपनी सीट भी राय से हार गए।

अब दास झारखंड विधान सभा में भी नहीं दिख पाएंगे।

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