झारखंड में भी लग सकता है भाजपा को झटका, आजसू ने दिया प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ उम्मीदवार

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राँची:  महाराष्ट्र में शिवसेना की तरह झारखंड में ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) राष्ट्रीय लोकतान्त्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग होने की राह पर है।

आजसू और झारखंड की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पिछला लोकसभा चुनाव साथ लड़ा था और 14 में 12 सीटें जीती थी। इस चुनाव में आजसू का पहला सांसद संसद पहुँचा। इसके पहले आजसू का लोकसभा में कभी खाता नहीं खुला था।

भाजपा और आजसू

लोकसभा के गठबंधन से अलग झारखंड विधानसभा के लिए आजसू ने न सिर्फ 12 उम्मेदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है, बल्कि भाजपा के सिटिंग विधायक राधा कृष्ण को मंगलवार को पार्टी में शामिल कर भी लिया। छतरपुर से पांच बार विधायक रह चूके राधा कृष्ण का टिकट इस बार भाजपा ने काट दिया है। झारखंड विधानसभा में राधा कृष्ण किशोर भाजपा के मुख्य सचेतक भी थे।

आजसू ने भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुया के खिलाफ भी चक्रधरपुर से  अपने उम्मीदवार रामलाल मुंडा को चुनाव मैदान में उतार दिया है।

बागियों की पहली पसंद बनी आजसू

झारखंड के राजनीतिक पार्टियों के बागी नेताओं की पहली पसंद आजसू बनी हुई है। आजसू के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार दूसरी पार्टियों के कई बड़े नेता आजसू के संपर्क में है। नेताओं की सूची में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ताला मरांडी और काँग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू का नाम भी शामिल है। चर्चा यह भी है कि भाजपा की टिकट पर पांच बार सांसद रहे लोक सभा के पूर्व उपाध्यक्ष करिया मुंडा का बेटा भी आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो से मिलकर पार्टी में शामिल होने  और चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं। भाजपा नेत्री सह झारखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर के भी जल्द आजसू में शामिल होने की चर्चा है।

गठबंधन को लेकर सस्पेंस बरकरार

हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इधर गठबंधन के सवाल पर पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो ने मंगलवार को स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। बावजूद अभी तक सस्पेंस बरकरार हैं।

आजसू के एक वरिष्ठ नेता  ने कहा, “भाजपा ने अभी तक अलग चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। और न ही विधानसभा की सीटों को लेकर आजसू के साथ भाजपा की कोई सम्मानजनक समझौता भी नहीं किया गया है। सीट बंटवारे को लेकर यदि भाजपा आजसू के साथ सम्मानजनक समझौता नहीं करती, तो पार्टी अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी।”

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