बगोदर (झारखंड): “महेंद्र सिंह कौन है?”—यह सवाल 16 जनवरी 2005 को हत्यारों ने किया था। 21 साल बाद वही सवाल भाजपा के मौजूदा विधायक नागेंद्र महतो ने सत्ता के घमंड में दोहराया। लेकिन शहीद कॉमरेड महेंद्र सिंह के 21वें शहादत दिवस पर बगोदर की जनता ने दहाड़ कर जवाब दिया—“मैं हूं महेंद्र सिंह।”
झारखंड की राजनीति के पुरोधा और जन मुद्दों की धारदार आवाज रहे बगोदर के जननायक विधायक कॉमरेड महेंद्र सिंह की 21वीं शहादत दिवस के मौके पर भाकपा (माले) की ओर से बगोदर बस स्टैंड में विशाल जन संकल्प सभा का आयोजन किया गया। सैकड़ों की संख्या में लोग—किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवान—सभा में पहुंचे और अपने प्रिय नेता को याद किया।
इससे पहले शहीद कॉमरेड महेंद्र सिंह के पैतृक गांव खम्भरा में उनकी आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। भाकपा (माले) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह, विधायक अरूप चटर्जी, पूर्व विधायक राजकुमार यादव, आरवाईए के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया।
सत्ता, कॉरपोरेट और जनता की राजनीति पर दीपांकर का सीधा हमला
जन संकल्प सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भाजपा विधायक नागेंद्र महतो के बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा,
“जो लोग पूछ रहे हैं कि महेंद्र सिंह कौन हैं, उन्हें आज इस जनसभा को देखना चाहिए। महेंद्र सिंह जनता की चेतना में जिंदा हैं। सत्ता बदल सकती है, लेकिन जनता के दिलों से महेंद्र सिंह को कोई हटा नहीं सकता।”
दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश की सरकार आम जनता के लिए नहीं, बल्कि अडानी जैसे कॉरपोरेट घरानों के लिए काम कर रही है।
“मोदी सरकार ने देश की नीतियों को कॉरपोरेट के हाथों गिरवी रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह सरकार अमेरिका के सामने घुटने टेकती नजर आती है। डोनाल्ड ट्रंप जैसे अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने आत्मसमर्पण की नीति ने देश की संप्रभुता को कमजोर किया है,” उन्होंने कहा।
भाजपा ही नहीं, जरूरत पड़ी तो गठबंधन सरकार से भी सवाल: विनोद सिंह
सभा को संबोधित करते हुए बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि भाकपा (माले) की लड़ाई सिर्फ भाजपा के खिलाफ नहीं है।
“हम भाजपा की जनविरोधी राजनीति का तो मुकाबला करेंगे ही, लेकिन अगर झारखंड की गठबंधन सरकार भी जनता के मुद्दों से भटकेगी, तो भाकपा (माले) वहां भी सवाल उठाएगी। सत्ता में कौन है, इससे फर्क नहीं पड़ता—हम जनता के साथ खड़े रहेंगे,” उन्होंने कहा।
सभा में कॉमरेड महेंद्र सिंह के वे बेबाक शब्द भी याद किए गए, जो उन्होंने अपनी शहादत से कुछ दिन पहले बगोदर की एक जनसभा में कहे थे—
“हम आपकी जिंदगी के सारे सवाल हल कर देंगे, इसकी गारंटी नहीं देते। लेकिन हम जनता के साथ हैं। जूते की तरह पार्टी नहीं बदलते, न वोट बेचते हैं। हमारे लोग मारे जा सकते हैं, जेल जा सकते हैं, लेकिन आपकी लड़ाइयों से दगा नहीं कर सकते।”
नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव में बगोदर में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए वक्ताओं ने कहा कि चुनावी नतीजे विचारधारा को खत्म नहीं कर सकते। “शहीद महेंद्र सिंह अमर रहें”, “लाल सलाम” और “मैं हूं महेंद्र सिंह” के नारों के साथ यह शहादत दिवस एक बार फिर संघर्ष के संकल्प में बदल गया।


