सुदिव्य सोनू के साथ मेरा रिश्ता सिर्फ एक नेता और पत्रकार का नहीं था। मैं उनका वोटर था, पत्रकार था और दोस्त भी। गिरिडीह से चीन तक, चुनावी राजनीति से निजी बातचीत तक, वक्त और शहर बदलते रहे, लेकिन हमारे बीच का भरोसा बना रहा।
2026 के म्युनिसिपल चुनाव में गिरिडीह शहर गोलीबारी से दहल गया। वार्ड 18 की घटना के बाद शिवम आजाद चर्चा में हैं, जबकि प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
महेंद्र सिंह, तीन बार विधायक और जनसंघर्षों के नेता, जिन्होंने ‘मैं हूँ महेंद्र सिंह’ कहकर गोलियों का सामना किया और झारखंड की राजनीति में अमिट विरासत छोड़ी।