झारखंड: आफ़ताब अंसारी के क़ातिल कौन हैं?

Date:

Share post:

रामगढ़: रामगढ़ ज़िला के एक विवाहित युवक आफताब अंसारी पर एक महिला द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाया गया. इस मामले में 23 जुलाई को उनके विरुद्ध रामगढ़ थाना में महिला ने एक लिखित शिकायत दर्ज की.

लेकिन उसी दिन शाम को लगभग तीन बजे अर्शी गारमेंट्स जहां आफ़ताब अंसारी काम करते थे, वहां 

कुछ व्यक्तियों ने आफ़ताब अंसारी के साथ दुकान में घुसकर उनके साथ मारपीट की. उसके बाद उनको घसीट कर बाहर लें आए. बाहर लाकर फिर मारपीट की. जिसका वीडियो भी वायरल हुआ.

इस मारपीट को लेकर आफ़ताब की पत्नी सालेहा खातून ने दावा किया कि घटना के बाद रामगढ़ थाना की पुलिस आफ़ताब को थाने ले गई.

सलेहा खातून के अनुसार थाने में आफ़ताब अंसारी 24 तारीख की दोपहर तक मौजूद रहे लेकिन उसके बाद से उनकी कोई सुचना नहीं मिली.

26 जुलाई को पत्नी ने करवाई गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज 

सालेहा खातून ने अपनी लिखित शिकायत में 23 जुलाई को आफ़ताब अंसारी के साथ हुई मारपीट का ज़िक्र करते हुए दावा किया कि मारपीट करने वाले टाइगर फोर्स के सदस्य हैं.

मारपीट करने वालों की पुष्टि करते हुए रामगढ़ के SP अजय कुमार ने बताया कि हिंदू टाइगर फ़ोर्स के एक सदस्य की गिरफ्तारी हुई है. मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है जो जांच कर रही  है. जबकि मामले में दो FIR हुई हैं. एक सलेहा खातून के आवेदन पर तो दूसरी अर्शी गारमेंट्स की मालिक नेहा सिंह के आवेदन पर. 

SP के अनुसार मामले में BNS की 329, 333, 115, 126, 109, 79, 299 आदि के अलावा 

IT एक्ट की धारा भी लगी है. 

जब रामगढ़ SP से पूछा गया कि सलेहा खातून का दावा है कि आफ़ताब अंसारी 24 जुलाई की दोपहर तक आफ़ताब रंगढ़ थाने में थे, तो वह वह कब और कैसे बाहर निकल गए? इस सवाल पर उन्होंने बताया कि आफ़ताब 24 जुलाई को 12 बजे थाना से चुपचाप निकले, जिसकी CCTV फुटेज भी है. 

26 जुलाई की रात आफ़ताब का शव दामोदर नदी के निकट मिला 

आफताब की गुमशुदगी की खबर फैलते ही शनिवार देर रात तक बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. देर रात पुलिस को दामोदर नदी के निकट आफ़ताब अंसारी का शव मिला. 

जिसे प्रदर्शनकारियों ने मॉब लिंचिंग की वारदात करार देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. 

पुलिस ने आफताब अंसारी की मौत के मामले में रविवार को हिंदू टाइगर फोर्स के एक सदस्य राजेश सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया है. 

बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने टीमें गठित की हैं. 

तो दूसरी तरफ उनका पोस्टमार्टम राँचीके रिम्स मेडिकल कॉलेज में हुआ है. 

राजनीति भी है जारी 

जबकि आफताब अंसारी की संदिग्ध मौत पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बजरंग दल पर दबाव बनाने और बाबूलाल मरांडी के ट्वीट्स को नफरत फैलाने का कारण बताते हुए उन्होंने हिंदू टाइगर फोर्स पर प्रतिबंध की मांग की.

दरअसल बाबूलाल मरांडी ने 26 जुलाई की शाम को X पर लिखा कि “रामगढ़ में नौकरी का झांसा देकर आदिवासी बेटी के साथ भयावह अपराध हुआ. आफताब अंसारी नामक व्यक्ति ने उसके साथ दुष्कर्म किया, और वीडियो बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए भी मजबूर किया. इस घिनौने षड्यंत्र में ARSHI Garments का मालिक भी शामिल बताया जा रहा है. “

spot_img

Related articles

Inside Jaipur’s Amrapali Museum and Its New Immersive Experience

The month of January in Jaipur is the most vibrant time of the year in India’s new cultural...

बगोदर में ‘मैं हूं महेंद्र सिंह’ की गूंज, 21वें शहादत दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

बगोदर (झारखंड): “महेंद्र सिंह कौन है?”—यह सवाल 16 जनवरी 2005 को हत्यारों ने किया था। 21 साल बाद...

Who Was Mahendra Singh? The People’s Leader Power Tried to Forget

Mahendra Singh rose from mass protests, challenged power as a lone opposition voice, and was killed after declaring his identity, yet two decades later, people still gather to remember him

बीस साल बाद भी लोग पूछते नहीं, जानते हैं—महेंद्र सिंह कौन थे

महेंद्र सिंह, तीन बार विधायक और जनसंघर्षों के नेता, जिन्होंने ‘मैं हूँ महेंद्र सिंह’ कहकर गोलियों का सामना किया और झारखंड की राजनीति में अमिट विरासत छोड़ी।