झारखंड की राजनीतिक बिसात और बिहार का समीकरण

Date:

Share post:

रांची: लोकसभा चुनाव 2024 कि तारीखों का ऐलान हो चुका है, पर जहां एनडीए ने अपने तीन उम्मीदवारों कि घोषणा नहीं कि है, वही इंडिया ने चोदह में से किसी सीट पे, कौनसी सीट किस पार्टी को और किस प्रतियाशी कि लड़ाएगी उसके नाम नहीं बताए हैं।

दोनों गठबंधनों के तरफ से इस देरी कि एक वजह बिहार में सीट बंटवारे को बताया जा रहा है।

सीता सोरेन को चतरा से टिकट दे सकती है भाजपा

भाजपा ने जिन दो सीटों पे अपने उम्मीदवार अभी नहीं उतारे हैं, उनमें से एक है चतरा लोकसभा। यहाँ से पार्टी के सुनील सिंह अभी सांसद हैं। पर सिटिंग सांसद के नाम का घोषणा नहीं होने के वजह से ये तय माना जा रहा कि कोई नया चेहरा कमल निशान पे मैदान में होगा।

सूत्रों कि माने तो सीता सोरेन चतरा में पिछले दो वर्षों से सक्रिय थी, और अब जब सीता ने जेएमएम छोड़ भाजपा जॉइन कर लिया, वो भी विधायकी से भी इस्तीफा दे कर तो वो पार्टी कि पसंद बन सकती हैं।

वैसे भी एक ही दिन में एक पार्टी छोड़ना और दूसरी को जॉइन करना एक दिन का काम होता नहीं, इसमे महीनों और सालों कि साझेदारी होती है।

यहाँ इंडिया कि ओर से राष्ट्रीय जनता दल की दावेदारी हो रही है। आरजेडी चतरा और पलामू दोनों सीट चाह रही और उसके बदले में वो बिहार में कांग्रेस के साथ सीट एडजस्ट करना चाहती है।

धनबाद का गणित

चतरा कि तरह धनबाद में भी भाजपा ने किसी कैंडिडैट कि अभी तक घोषणा नहीं कि। और यहाँ भी वर्तमान सांसद पीएन सिंह को टिकट न मिलना तय माना जा रहा है। इस सीट पे भाजपा के चिन्ह पे चुनाव लड़ने के लिए कई उम्मीदवार है, उसमे इंडिया गठबंधन के एमएलए भी शामिल हैं, पर भाजपा, धनबाद को जेडीयू के लिए छोड़ सकती है, नितीश कुमार कि पार्टी को बिहार में भाजपा से एक सीट कम मिली है।

हजारीबाग से जय प्रकाश पटेल हो सकते है इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी

भाजपा ने हजारीबाग से जयंत सिन्हा का भी टिकट काटा है। मोदी कैबिनेट में मंत्री रहे जयंत, यशवंत सिन्हा, जो अटल बिहार वाजपेई के कैबिनेट में मंत्री रह चुके है के पुत्र है।

अब ये खबर आ रही है कि भाजपा के मांडू से विधायक जयप्रकाश भाई पटेल ने पार्टी छोड़ दि और कांग्रेस जॉइन कर लिया है। वह अब इंडिया ब्लॉक के हजारीबाग से लोकसभा उम्मीदवार होंगे। जयप्रकाश पटेल, जेएमएम के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद टेकलाल महतो के पुत्र हैं।

कोडरमा में इंडिया से जयप्रकाश वर्मा की दावेदारी

कोडरमा लोकसभा से बीजेपी के द्वारा अन्नपूर्णा देवी को दुबारा उतारा गया है।

चूके गाण्डेय विधानसभा और कोडरमा का चुनाव एक साथ होगा और, गाण्डेय से हेमंत सोरेन कि पत्नी कल्पना सोरेन चुनाव लड़ेंगी, इसलिए पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा जो अब जेएमएम में हैं ये तर्क रख रहें के लोकसभा और विधान सभा में एक ही तरह का चुनाव चिन्ह ज्यादा कारगर होगा, इंडिया के लिए। पर ये तर्क उस दौर में जब पंचायत चुनाव में कई अलग-अलग चिन्ह और प्रतियाशियों के नाम होते हैं और ग्रामीण वोट देते हैं।

वहीं, जयप्रकाश जो भाजपा से आए हैं और न सिर्फ देश कि सबसे बड़ी अल्पसंख्यक- मुस्लिम बीजेपी कि अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों और कारवाईओं से इसके खिलाफ वोट करती है बल्के आदिवासी आबादी भी हेमंत सोरेन के जेल भेजे जाने से भाजपा से खफा है, ये दोनों समुदाए के लोग पूर्व भाजपा नेता के उम्मेदवारी पे कितना भरोसा कर पाएंगे।

वैसे इंडिया गठबंधन जिसे भी चुनाव में उतारे पर वो भाजपा के उम्मीदवारों के घोषणा से बहुत पीछे चल रही।

spot_img

Related articles

Saudi Arabia’s Founding Day: A Three-Centuries Legacy, a New National Narrative, and the Path to Vision 2030

Saudi Arabia’s 300th Founding Day traces its origins to Diriyah in 1727, reshaping state history beyond 1744. The shift supports Vision 2030, strengthening national identity, reform momentum, and global soft power ambitions

Ramzan Charity Oversight Raises Larger Questions About Equality Before Law and Selective Scrutiny

Ramzan charity regulation has reopened debate on transparency, Waqf reform and selective enforcement, raising questions about equality before law and how institutional accountability shapes minority confidence in governance.

सबका साथ, सबका काम— गिरिडीह मेयर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा का वादा

दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुकी प्रमिला मेहरा गिरिडीह मेयर चुनाव में मैदान में हैं। उन्होंने पानी, ट्रैफिक और सफाई को प्राथमिकता बताते हुए सबको साथ लेकर चलने का भरोसा दिया।

Is AIMIM Rethinking Identity Politics in Bengal? The Kaliganj Clue

The entry of the All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen into West Bengal’s political imagination has long remained more speculation...