चार बच्चियों की तालाब में डूबने से मौत, कर्मा पूजा के लिए बालू लाने गई थी

चार बच्चियों की मौत के बाद, पीड़ित परिवार के लोगों ने ये भी कहा के तालाब में सीढ़ी का निर्माण सही नहीं हुआ है जिससे ये हादसा हुआ।

Date:

Share post:

गिरिडीह: पचम्बा थाना इलाके के हंडाडीह में मंगलवार को दर्दनाक हादसे में एक साथ चार बच्चियों की मौत तालाब में डूबने से हो गयी। एक की जान बच पाई।

मृतकों में ओमप्रकाश राणा की 17 साल की बेटी संध्या कुमारी और 14 साल की दिव्या कुमारी समेत दो और शामिल हैं। संध्या और दिव्या दोनों पढ़ाई में अच्छी थी। संध्या ने दसवीं पास किया था इस साल और दिव्या नौवीं में थी। दो अन्य बच्चियों ममता कुमारी (7) और श्रृष्टि कुमारी (5) दोनों सगी बहनें, पिता नरेश यादव, मजदूरी का काम करते हैं। जबकि एक बच्ची पूजा कुमारी खुद को किसी तरह बचाने में सफल रही। जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। एसपी दीपक शर्मा ने चार बच्चियों की सोना महतो तालाब में डूबने से मौत की पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार हंडाडीह गांव की पाँच बच्ची पचम्बा के सोनरा आहार में करमा पूजा का बालू लाने के मकसद से तालाब में स्नान करने गई हुई थी। बरसात के कारण तालाब पानी से लबालब भरा हुआ था। इसी क्रम में एक बच्ची गहरे पानी में डूबने लगी। पहली को डूबता देख दूसरी बच्ची, फिर फिर तीसरी और फिर चौथी गयी बचाने और डूबती चली गयी। इसी क्रम में बच्चियों ने सहयोग के लिए चीखने-चिल्लाने भी लगी। इस दौरान किसी तरह स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों समेत परिजन भी तालाब पहुँचे। किसी तरह पाँचों को तालाब से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल ले गये, जहाँ चार बच्ची को इलाज के क्रम में मृत घोषित कर दिया गया। एक अन्य खतरे से बाहर पूजा कुमारी का इलाज चल रहा है।

गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू को जानकारी मिलने के बाद वह भी घटनास्थल पहुँचे। वहाँ पंचायत के मुखिया महताब मिर्जा उर्फ डब्लू के साथ सभी चारों बच्चों के परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी तथा ग्रामीणों के साथ बैठकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए मनाया, ताकि परिजनों को आपदा कोष से 4-4 लाख रुपये की मदद दिलाने में सहूलियत हो। फिर मृतका के परिजन राजी हुए।

जानकारी के अनुसार दो मृत बच्ची दिव्या कुमारी और संध्या कुमारी धनवार के लाल बाजार के रहने वाले ओमप्रकाश राणा की बेटी थी। अपने मामा बजरंगी शर्मा के घर कर्मा पूजा के लिए हंडाडीह आई हुई थी। इधर दोपहर में चारों बच्चियों का पोस्टमार्टम कर शवों को परिजनों को सौंप दिया गया।

तालाब में सौंदर्यीकरण का काम जारी, पीड़ित का कहना सही से नहीं हो रहा काम

चार बच्चियों की मौत के बाद, पीड़ित परिवार के लोगों ने ये भी कहा कि तालाब में सीढ़ी का निर्माण सही नहीं हुआ है जिससे ये हादसा हुआ। पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने नाम न बताने की प्रार्थना के साथ कहा कि तालाब में सौंदर्यीकरण का काम सही से नहीं होने की वजह से ये हादसा हुआ और सरकार को इसकी जाँच करानी चाहिए ताकि आगे और किसी की जान नहीं चली जाए।

Related articles

When Students Challenged the CJI: Is India Entering a New Era of Judicial Scrutiny?

There was a time when even senior journalists and national newspapers avoided critical commentary on Supreme Court judgments,...

Bengal: CJP Member’s Father Murdered in Attack, Son Alleges BJP Link to School Video

A Bankura man was killed after an alleged attack on his family home, with his son linking the assault to a video highlighting the poor condition of a government school

The Village India Erased: Mahua Dabar and Bengal’s Forgotten 1857 Story

Mahua Dabar, a thriving textile town in present-day Uttar Pradesh, was home to Bengali Muslim weavers who had migrated from Murshidabad. Razed by British forces during the 1857 uprising, the town was erased from the map — until one Mumbai tailor spent 14 years uncovering its forgotten history.

“Are We Thieves?”: ASHA Worker’s Death Exposes Burden on Bengal’s Health Force

Kolkata: On the morning of 3 August 2026, Rumpa Mondal, an ASHA worker from Gangajalghati in Bankura district,...