विनोद सिंह झारखंड के गरीबों, मजदूरों, शोषितों एवं वंचितों की आवाज हैं- मुख्यमंत्री

Date:

Share post:

गिरिडीह: मई दिवस के मौके पर विनोद सिंह ने कोडरमा प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन सभा में जहाँ एक ओर तमाम वक्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर प्रहार किया वही विनोद सिंह के एक विधायक के रूप में काम की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

विनोद सिंह के नामांकन में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और गाण्डेय उपचुनाव प्रत्याशी कल्पना सोरेन मौजूद रहीं। बाद में सभा में मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, मंत्री आलमगीर आलम, सत्यानंद भोक्ता, राजेश ठाकुर सहित कई जेएमएम, कांग्रेस, आरजेडी और आम आदमी पार्टी के नेता मौजूद रहे।

भाजपा का चुनावी वादा, जुमला- चंपई

नामांकन सभा को संबोधित करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि विनोद सिंह झारखंड के गरीबों, मजदूरों, शोषितों, वंचितों की आवाज हैं। कोडरमा लोकसभा से इनको जिता कर संसद भेजना जरूरी है। भाजपा की सरकार ने जनता से झूठ बोला, अपना कोई भी वादा पूरा नहीं किया। 2 करोड़ नौजवानों को हर साल रोजगार देने का वादा किया था वो भी वादा पूरा नहीं हुआ। चुनाव में वो वादा तो करते हैं लेकिन वह जुमला साबित होता है। इसलिए यह आपके पास इस सरकार को बदलने मौका है।

10 साल की मोदी सरकार, 4 साल की हेमंत सरकार के कामों से डर गई- कल्पना

सभा को संबोधित करते हुए कल्पना सोरेन ने कहा, विनोद सिंह जितने ऊंचे कद और आवाज़ के मालिक है, उससे कहीं ज्यादा ऊंची उनकी सोच है, इसलिए कोडरमा से इस बार इनको जिता कर संसद पहुंचाएं।

कल्पना ने भाजपा पर वार करते हुए कहा, “10 साल की मोदी सरकार, 4 साल की हेमंत सरकार के कामों से डर गई, इसलिए ठीक इलेक्शन से पहले हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया गयाअब इसका जवाब वोट से देना है।”

ये देश बचाने का चुनाव- दीपांकर

भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा यह देश को बचाने का चुनाव है। देश का संविधान, लोकतंत्र, भाईचारा सब खतरे में है इसलिए अबकी बार अपना वोट उसकी हिफाजत के लिए कीजिए। गांव-गांव में जाइए, बूथों पर जाइए और इस लड़ाई में पूरी ताकत झोंक दीजिए।

राष्ट्रीय महासचिव ने चुनाव आयोग के अभी तक के रोल पर भी सवाल उठाया और कहा कि जैसा राजीव कुमार ने कहा था कि सबको लेवल फ़्लाइंग फील्ड मिलेगा वैसा नहीं हो रहा और प्रधानमंत्री के हेट स्पीच पर आयोग चुप रहा।

यह चुनाव कोडरमा की जनता की आकांक्षाओं व सपनों को पूरा करने का है: विनोद सिंह

सभा को संबोधित करते हुए इंडिया गठबंधन से माले प्रत्याशी विनोद सिंह ने कहा कि पिछले दस सालों में कोडरमा लोकसभा की जनता की आकांक्षाओं और सपनों के साथ धोखा हुआ है। लोग ठगे महसूस कर रहे हैं। इसलिए यह चुनाव कोडरमा की जनता के सपनों व आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने का चुनाव है।

इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार ने ये भी कहा, “जो सरकार कहती है कि 56 इंच का सीना है, वो प्रवासी भारतीयों के लिए कंपनियों से एक एमओयू तक साइन नहीं कर पाती है।”

कोडरमा लोकसभा उम्मीदवार ने मीडिया को दिये अपने बयान को सभा में भी दुहराया कि क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या लोगों का पलायन है और केंद्र सरकार के पास इसको लेकर कोई योजना नहीं। कोई फंस जाए, बीमार हो जाए या मौत हो जाए तो, सरकार के पास ऐसी कोई योजना नहीं जिससे ऐसे आप्रवासी नागरिकों के मामलों में तुरंत कारवाई कर सके।

विनोद सिंह ने अपने पिता महेंद्र सिंह के लफ्जों में भी बात रखी और कहा, “हम महेंद्र सिंह के शब्दों में एक बात आपसे कहना चाहते हैं कि हमारे साथी जेल जा सकते हैं, मारे जा सकते हैं लेकिन आपकी लड़ाइयों के साथ गद्दारी नहीं कर सकते। इस बार झंडे पर तीन तारा निशान पर बटन दबाइए और कोडरमा में माले को विजय बनाइये।”

इन वक्ताओं के अलावे सभा को राज्यसभा सांसद डॉक्टर सरफराज अहमद ने कहा कि आज देश की जरूरत है भाजपा को जड़ से उखाड़ फेंकने की इसलिए आप सभी अपने-अपने बूथ में जीत दर्ज़ करें।

पूर्व विधायक राजकुमार यादव, कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी पर जम कर बरसे और कहा, अन्नपूर्णा ने लालू प्रसाद यादव, जिन्होंने उसे राजनीति में सब कुछ दिया एमएलए और मंत्री तक बनाया उस लालू प्रसाद यादव को धोखा देने का काम किया है।

सभा की अध्यक्षता राजद नेता गौतम सागर राणा और संचालन राजेश यादव व जयंती चौधरी ने संयुक्त रूप से किया।

spot_img

Related articles

From Iraq to Iran: The Recurring Questions Around US Military Interventions

U.S. and Israeli strikes on Iran have triggered global concern after reports of civilian deaths. Attacks on a school, hospitals and public facilities have revived debate over military intervention and accountability.

Selective Targeting? The Firestorm Over Bengal’s 60-Lakh ‘Adjudication’ List

Bengal faces a constitutional crisis as 60 lakh voters are placed "under adjudication" in the final electoral roll. Minority-heavy districts like Murshidabad and Malda lead the list, sparking widespread outrage.

From Gaza to Tehran: How Western Power Politics Undermines Global Peace

The US-Israel war on Iran has intensified debate over sovereignty, regime change and global power politics, while Europe’s muted response and India’s cautious diplomacy face increasing scrutiny worldwide.

झारखंड में भाजपा की शहरी जमीन खिसकी: 48 निकायों के नतीजों ने बदला सियासी समीकरण

झारखंड के 48 शहरी निकाय चुनाव परिणामों में भाजपा को सीमित सफलता मिली। रांची, गिरिडीह और देवघर समेत कई शहरों में झामुमो और निर्दलीय उम्मीदवारों ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया।