देश के शहरों की संस्कृति पर आधारित दो दिवसीय ‘शहरनामा’ रविवार से

फैजल अलकाज़ी, सैयद सलमान चिश्ती, यतीन्द्र मिश्र, सुतापा मुखर्जी, अनंत विजय , आलोक श्रीवास्तव, अमनदीप संधू और हिमांशु बाजपेयी सहित देश के अनेक नामी लेखक और विचारक जीवंत करेंगे देश के शहरों की संस्कृति को

Date:

Share post:

जयपुर: प्रभा खेतान फाउण्डेशन की ओर से 19 और 20 फरवरी को आईटीसी राजपूताना होटल, जयपुर में दो दिवसीय साहित्योत्सव ‘शहरनामा कहानी-अपने शहरों’ ऐ बुटीक लिट्रेचर फैस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। शहरनामा फेस्टिवल की डायरेक्टर नीलिमा डालमिया और अपरा कुच्छल ने बताया कि शहरनामा जैसे कार्यक्रमों के जरिए यह प्रयास है कि देश के सभी दूसरे शहरों के इतिहास सहित स्थानीय परम्पराओं, लोकोक्तियों और ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानकारी लोगों को शेयर की जाए। ‘शहरनामा कहानी अपने-अपने शहरों की’ फैस्टिवल के आयोजन की पहली बार जयपुर शहर से शुरु हो रही है।

पर्यटन विभाग एवं श्रीं सीमेंट के सहयोग से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में उन लेखकों से चर्चा होगी जिन्होंने देश के ख्यातनाम शहरों पर किताबें लिखी हैं। जयपुर, जोधपुर व पुष्कर, दिल्ली भोपाल व लखनऊ सहित देश में कई ऐसे कई शहर हैं जो अपने आप में एक इतिहास समेटे हुए हैं। इन शहरों पर किताब लिखने वाले लेखक अपने-अपने शहरों से जुड़ी यादें, किस्से, कला-संस्कृति, खानपान, पुरामहत्व व प्राचीन इमारतों के बारे में बात करेंगे और अपने अपने अनुभवों के बारे में बताएंगे। शहरनामा में दो दिन में 18 सैशन्स आयोजित किए जाएंगे।

19 फरवरी को सुबह 9.45 पर कव्वालियों से होगी शुरूआत

दो दिवसीय इस उत्सव की शुरूआत 19 फरवरी को होटल आईटीसी राजपूताना में सुबह 9.45 बजे आफाताब कादरी और तारीक फैज़ के सूफी कव्वाली गायन से होगी। 10.45 से 11.15 बजे तक उद्घाटन सत्र आयोजित किया जाएगा इसके बाद 11.25 शाम 5.45 बजे तक विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे जिनमें शिरकत करने वाले लेखक अपने अपने अंदाज़ में देश के विभिन्न शहरों की संस्कृति से संबंधित विचार व्यक्त करेंगे।

20 फरवरी के कार्यक्रम

इसी तरह 20 फरवरी को समारोह की शुरूआत  सुबह 9.45 बजे पद्मश्री गुलाबो और शकंुतला सरूपुरिया की प्रस्तुतियों से होगी। इसके बाद सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.40 बजे तक विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे जिनमें शिरकत करने वाले लेखक अपने अपने अंदाज़ में देश के विभिन्न शहरों की संस्कृति से संबंधित विचार व्यक्त करेंगे।

देश के ये नामी लेखक करेंगे शिरकत

फैजल अलकाजी, डॉ.संदीप पुरोहित, अभय के, अनूठी विशाल, मेहरू जफर, मिहिर वत्स, अदिति दुग्गड, मनीष मल्होत्रा, महक माहेश्वरी, वर्तुल सिंह, हिमांशु बाजपेई, सलमान चिश्ती, अनंत विजय, आलोक श्रीवास्तव, रशीद किदवई, अनीसुर रहमान, सुधा सदानंद, तृप्ति पांडे, यतींद्र मिश्रा, सुतापा मुखर्जी, जितेंद्र दीक्षित, अधिरजा रायचौधरी, अमनदीप संधु, स्वप्ना लिंडले, आशुतोष जी पोद्दार, संदेश भंडारी, स्मिता भारद्वाज,मोजेज सिंह, लक्ष्मीप्रसाद पंत,प्रो. विनोद शास्त्री व जितेंद्र सिंह शेखावत।

spot_img

Related articles

When Memories Speak: A Kolkata Wall Challenges the Idea of Citizenship

At Kolkata’s Park Circus Dharna Manch, a Memory Wall gathers stories of broken cups, peanuts, pitha and migration—personal memories that question whether citizenship and belonging can truly be reduced to documents.

LPG Queues and Petrol Panic: Why the PM’s Latest Speech is Triggering COVID-Era Trauma

PM Modi says India will overcome the energy crisis like Covid. But memories of lockdown chaos, migrant suffering, oxygen shortages, and communal blame remind many Indians of unresolved lessons.

পার্ক সার্কাসের বন্ধ গেটের ভেতর: বাংলায় ‘বিপুল ভোটার বাদ’ নিয়ে সপ্তাহজুড়ে বাড়ছে প্রতিবাদ

পার্ক সার্কাসে এসআইআর বিতর্ক ঘিরে অনির্দিষ্টকালের ধর্না জোরদার হচ্ছে। বিচারাধীন তকমায় ৬০ লক্ষ মানুষের ভোটাধিকার স্থগিত হওয়ায় অবসরপ্রাপ্ত কর্মচারী, অধ্যাপক ও পরিবারগুলি ভোটার তালিকায় নাম ফেরানোর দাবি তুলেছেন

‘Sons of the Soil’ vs Infiltration Narratives: The Hidden History Behind West Bengal’s 60 Lakh Flagged Voters

The names of more than five lakh voters have been deleted from the final electoral roll of West...