मध्य प्रदेश में भाजपा नेता ने एक बुजुर्ग जैन को मुस्लिम समझ कर मार डाला

वही स्थानीय लोग मांग कर रहे है कि आरोपी का घर तोड़ा जायें. लेकिन इस पूरे मामलें में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रशासन आरोपी के घर को बचाना चाहती है. जब बुलडोज़र घर तोड़ने के लिये पहुंचा तो बताया गया कि वह पिता के नाम पर होने की वजह से तोड़ा नही गया लेकिन दूसरे मामलों में आरोपी के नाम पर न होने पर भी प्रशासन ने बगैर किसी बात को सुने मकान को ढहा दिया है

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भोपाल: मध्यप्रदेश के नीमच में मुसलमान होने के शक में एक मानसिक रुप से बीमार बुज़ुर्ग व्यक्ति की हत्या के मामलें में पुलिस ने भाजपा नेता दिनेश कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला उस समय सामने आया जब बुज़ुर्ग की पिटाई वाला वीडियो वायरल हुआ और उनका शव मिला.
जिस व्यक्ति की पिटाई की जा रही थी वह भंवरलाल जैन थे जो रतलाम के जावरा के रहने वाले थे. वही पिटाई करने वाला व्यक्ति की पहचान दिनेश कुशवाह के रुप में हुई जो भाजपा की एक पूर्व पार्षद का पति है और मनासा का रहने वाला हैं. भंवरलाल जैन का शव मनासा के रामपुरा रोड के किनारे शव 19 मई को मिला था. उनकी उम्र 65 वर्ष बताई जा रही थी.
मारपीट के बाद दिनेश भाग गया था हालांकि बताया जा रहा है कि उसे उम्मीद नही थी कि वह व्यक्ति ख़त्म हो जायेंगा. उसी ने वीडियो को वायरल भी किया था. लेकिन जब पुलिस ने उसका घर तोड़ने की चेतावनी दी तो वो फौरन पुलिस के पास पहुंच गया.
इस मामले में नीमच के पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने बताया कि दिनेश कुशवाह से पूछताछ की जा रही है. उन के ख़िलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है.
भंवरलाल की लाश मिलने के बाद उसे अज्ञात मान लिया गया था लेकिन उनके परिवार ने वायरल वीडियो से उनकी पहचान कर ली. परिवार के मुताबिक़, भंवरलाल जैन परिवार के साथ राजस्थाकन के चित्तौयड़गढ़ घुमने गए हुए थे लेकिन वो वही पर परिवार से बिछड़ गये.
उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई थी लेकिन 19 मई को उनकी लाश मिली.
दिनेश कुशवाह ने जो वीडियो वायरल किया था उसमें भंवरलाल को लाल रंग की शर्ट पहने देखा जा सकता है. इस वीडियो में दिनेश भंवरलाल से आधार कार्ड मांगता दिख रहा है और थप्पड़ भी मार रहा है. वो पूछता है कि, “मोहम्मद नाम है?
वीडियो को देखकर साफ प्रतीत हो रहा है कि व्यक्ति की पिटाई इस शक में की जा रही है कि वो व्यक्ति मुसलमान लग रहा है. जबकि भंवरलाल सही तरह से बोल भी नही पा रहे है.
परिवार का दावा है कि भंवरलाल की मौत पीटने से ही हुई है.
जबकि पुलिस अभी भी जांच करने के बाद किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बात कर रही है.
लेकिन इस हत्या के बाद विपक्षी काग्रेंस पार्टी ने भी इस पर सवाल उठाये है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि, “ये मध्यप्रदेश में आखिर हो क्या रहा है? कमलनाथ ने कहा कि सिवनी में आदिवासियों की पीट-पीटकर हत्या, गुना, महू, मंडला की घटनाएं और अब प्रदेश के नीमच जिले के मनासा में एक बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या. जिनका नाम भंवरलाल जैन बताया जा रहा है. कमलनाथ ने कहा कि सिवनी की तरह यहां भी आरोपी का जुड़ाव भाजपा से होना सामने आ रहा है. प्रदेश की कानून व्यवस्था आखिर क्या है? कब तक लोगों को यूं ही मारा जाता रहेगा? अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? सरकार का ध्यान तो सिर्फ इवेंट में है?”
वही गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “बुज़ुर्ग व्यक्ति ठीक से जवाब नही दे पाए, इसलिये उनके साथ मारपीट की गई.”
वही स्थानीय लोग मांग कर रहे है कि आरोपी का घर तोड़ा जाए. लेकिन इस पूरे मामलें में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रशासन आरोपी के घर को बचाना चाहती है. जब बुलडोज़र घर तोड़ने के लिये पहुंचा तो बताया गया कि वह पिता के नाम पर होने की वजह से तोड़ा नही गया लेकिन दूसरे मामलों में आरोपी के नाम पर न होने पर भी प्रशासन ने बगैर किसी बात को सुने मकान को ढहा दिया है.
इससे पहले डिंडौरी ज़िले में आसिफ नाम के एक युवक पर आरोप लगा कि उसने साक्षी का अपहरण कर लिया है. लेकिन दोनों ही अपनी मर्जी से गये थे और मामला जब हाईकोर्ट में पहुंचा तो कोर्ट ने उन्हें सुरक्षा देने की बात कही. लेकिन उससे पहले ही आसिफ के पिता के मकान और दुकान को अवैध बता कर ढ़हा दिया गया. उसमें आसिफ का नाम कहीं भी नही था. लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ने उनकी कोई बात नही सुनी. इस तरह के कई मामलें मध्यप्रदेश में आ चुके है जब प्रशासन ने बिना किसी ख़ास वजह के मुसलमानों के घरों को तोड़ दिया है.

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