शिरीष खरे

स्वतंत्र पत्रकार शिरीष, भारत के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चूके हैं। उम्मीद की पाठशाला पुस्तक के लेखक हैं और उनकी दूसरी किताब -- एक देश बारह दुनिया जल्द प्रकाशित होगी

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बंगाल में चुनाव आयोग की भूमिका पर क्यों उठ रहे सवाल?

पिछले 9 अप्रैल को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केंद्रीय सुरक्षा बलों पर गलत बयानबाजी के आरोप में दूसरी बार नोटिस भेजा। बता दें कि ममता बनर्जी केंद्रीय सुरक्षा बलों...

भारतीय मिश्रित अर्थव्यवस्था में एपीएमसी मंडियां ढहीं तो किन्हें नफा, किन्हें नुकसान

पिछले कुछ दिनों से तीन नए कृषि कानूनों को लेकर देश से लेकर विदेश तक में हंगामा मचा हुआ है। नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान लंबे समय से दिल्ली बॉर्डर पर लगातार धरना...

26 मार्च भारत बंद के बाद किसान आंदोलन

पिछली 26 मार्च को किसान आंदोलन को चार महीने पूरे होने के मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर शेष भारत के लिए...

किसानों की बीजेपी पर वोट की चोट भला क्यों?

केंद्र की मोदी सरकार के कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसान आंदोलन के 98वे दिन संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बड़ी घोषणा की। घोषणा यह कि वह बीजेपी को वोट के ज़रिए चोट पहुंचाएगा। मोर्चा की...

एमएसपी पर सरकार के दावे और फसलों के लिए जैव-विविधता की दलील में कितना दम?

पिछली 9 फरवरी को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश में चल रही एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) प्रणाली पूरी तरह डब्ल्यूटीओ (वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन) के अनुरूप है. दरअसल, मंत्री से पूछा...

क्या बढ़ रहा है किसान आंदोलन का कैचमेंट एरिया?

किसान आंदोलन को नब्बे दिनों से अधिक का समय बीत गया है। इस दौरान कुछेक मौके ऐसे आए जब ये दावे किए गए कि किसान आंदोलन कमज़ोर पड़ने लगा है। इन दिनों एक बार फिर...

महाराष्ट्र में लॉकडाउन बढ़ने से ट्रेनों में मामूली सामान बेचकर गुजारा करने वाले दृष्टिहीन विक्रेताओं की मुश्किलें और बढ़ी

पुणे: लॉकडाउन के कारण रेल के डिब्बों, रेलमार्गों और प्लेटफार्मों पर पापड़, चिक्की व वेफर्स जैसे खाने-पीने के सामान के अलावा कई जरुरी चीजें बेचकर परिवार चलाने वाले छोटे विक्रेताओं को इन दिनों रोजीरोटी पर...

शिक्षा में बदलाव के लिए कुछ खिड़कियां खुली हैं

संविधान के मुताबिक ‘लोकतांत्रिक गणराज्य’ बनाने के लिए बराबरी, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुता मूलभूत मूल्य हैं। लेकिन शिक्षा व्यवस्था गैर-बराबरी और भेदभाव की बुनियाद पर खड़ी की गई है जबकि सबको समतामूलक शिक्षा मुहैय्या करना...

यह स्कूल था कभी आवारा पशुओं का ठिकाना

शिलटे (पालघर):  इस स्कूल की तस्वीर देखिए। क्या आप पूरे स्कूल परिसर की सुंदर तस्वीर देख यह कल्पना कर सकेंगे कि यह जगह कभी अवारा पशुओं का ठिकाना हुआ करती थी। यहां के शिक्षक जब...

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Ranchi: In India, it always been a normal practice for people belonging to different caste and religion to hold meetings and then seek representation...

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Kolkata: One would expect an exciting discussion when actress Swara Bhaskar, radio jockey Jimmy Tangri, actress Saayoni Ghosh, film director Arnab Middya and author...

Durga to be worshipped as a migrant worker in many pujas in Bengal

Kolkata: In West Bengal, it’s been a tradition for puja pandals in and around Kolkata to always resonate the present social issues through their...